मौत को छूकर लौटे सैलानी! नाथुला और चांगु झील के पास भारी बर्फबारी, सेना ने रातभर दिया सहारा

सिक्किम में प्रकृति के बदलते मिजाज ने पर्यटकों की जान आफत में डाल दी है। मंगलवार को नाथुला और चांगु झील से लौटते समय करीब 2,736 पर्यटक भयानक हिमस्खलन (Avalanche) और बर्फबारी की चपेट में आ गए। 15 माइल और चांगु के बीच पर्यटकों की 541 गाड़ियाँ बर्फ में फंस गईं। देखते ही देखते सड़कें सफेद चादर से ढक गईं और गाड़ियाँ फिसलने लगीं, जिससे पर्यटकों में भारी दहशत फैल गई।
भारतीय सेना ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए ‘ऑपरेशन हिमराहत’ शुरू किया। रातभर चले इस बचाव अभियान के दौरान 46 पर्यटकों को सेना के शिविरों में आश्रय और भोजन दिया गया। बुधवार सुबह तक सिक्किम पुलिस, प्रशासन और पर्यटन विभाग के संयुक्त प्रयासों से सभी पर्यटकों को सुरक्षित रेस्क्यू कर गंगटोक लाया गया है। फिलहाल सड़कों से बर्फ हटाकर यातायात बहाल कर दिया गया है।
सिक्किम के दो रूप: बर्फबारी बनाम दावानल सिक्किम के मौसम में इस समय अजीब विरोधाभास देखा जा रहा है। जहाँ उत्तर और पूर्वी सिक्किम बर्फ की चादर में लिपटे हैं, वहीं पश्चिमी सिक्किम के जंगलों में भीषण आग (Wildfire) धधक रही है। इसके साथ ही गंगटोक सहित कई इलाकों में पीने के पानी की भारी किल्लत हो गई है। मौसम विभाग के अनुसार, इस साल बारिश में 91% की कमी दर्ज की गई है, जिससे प्राकृतिक जल स्रोत सूख रहे हैं।
मौसम का पूर्वानुमान: मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार से आसमान साफ होने लगेगा और भारी बर्फबारी की संभावना कम है। हालांकि, मंगन क्षेत्र में 27 फरवरी तक हल्की बारिश हो सकती है। प्रशासन ने पर्यटकों को सलाह दी है कि वे मौसम का अपडेट लेकर ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं।