चिंगड़ीघाटा मेट्रो विवाद: ३६৬ मीटर के काम के लिए वीआईपी रोड बंद करने का प्रस्ताव, पुलिस ने जताई आपत्ति

कोलकाता मेट्रो की ऑरेंज लाइन (न्यू गरिया से एयरपोर्ट) के यात्रियों की उम्मीदों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। मेट्रो रेलवे के महाप्रबंधक (जीएम) शुभांशु शेखर मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि मार्च महीने में भी चिंगड़ीघाटा मोड़ पर अटका हुआ काम शुरू होने की कोई संभावना नहीं है। जीएम के अनुसार, मार्च में कई महत्वपूर्ण परीक्षाएं होने के कारण पुलिस रास्ता बंद करने या यातायात नियंत्रित करने की अनुमति नहीं देगी।
३६६ मीटर का पेच: बेलेघाटा और गौरीकिशोर घोष स्टेशनों के बीच केवल ३६६ मीटर का हिस्सा मेट्रो मार्ग के निर्माण के लिए बचा है। इसके लिए ईएम बाईपास पर ट्रैफिक डायवर्जन जरूरी है। मेट्रो प्रशासन का आरोप है कि पुलिस से हरी झंडी न मिलने के कारण यह काम रुका हुआ है। वर्तमान में मेट्रो केवल बेलेघाटा तक चल रही है, लेकिन इस छोटे से हिस्से के अधूरे रहने के कारण मेट्रो सेक्टर ५ की ओर नहीं बढ़ पा रही है। मामला हाईकोर्ट में भी है, जहां प्रशासन का तर्क है कि इस व्यस्त मोड़ को बंद करने से एम्बुलेंस सेवा भी प्रभावित होगी।
वीआईपी रोड पर नया संकट: संकट केवल चिंगड़ीघाटा तक सीमित नहीं है। मेट्रो जीएम ने बताया कि वीआईपी रोड होकर एयरपोर्ट जाने वाले रास्ते को भी काम के लिए कुछ समय बंद रखने की जरूरत है। हालांकि, बिधाननगर पुलिस ने शुरुआती चर्चा में इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। समाधान निकालने के लिए मेट्रो और पुलिस के बीच फिर से बातचीत शुरू हुई है, लेकिन फिलहाल मार्च में यात्रियों को कोई राहत मिलती नहीं दिख रही है।