‘२८ फरवरी को लिस्ट से नाम गायब हुआ तो…’ भवानीपुर से ममता बनर्जी की बड़ी चेतावनी!

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मतदाता सूची (Voter List) को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। बुधवार को अपने निर्वाचन क्षेत्र भवानीपुर में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि कुछ लोग ‘छुपा रुस्तम’ की तरह चुपके से मतदाताओं के नाम काटने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि लोकतंत्र को नुकसान पहुँचाया जा सके।
वोटर लिस्ट और ‘सिर्’ (SIR) पर हमला: ममता ने दावा किया, “अगर मैंने इस मामले को नहीं पकड़ा होता, तो १ करोड़ २० लाख लोगों के नाम लिस्ट से बाहर हो जाते। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद सही से काम नहीं हो रहा है।” २८ फरवरी को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा, “मैं नहीं जानती कि २८ तारीख को नाम न होने पर जनता क्या कहेगी। मेरी लड़ाई किसी दल से नहीं, बल्कि लोकतंत्र बचाने के लिए है।”
सांस्कृतिक एकता का संदेश: भवानीपुर को ‘मिनी इंडिया’ बताते हुए सीएम ने जैन धर्म के एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया और ‘मानस स्तंभ’ का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि यह स्तंभ अहंकार छोड़ने का प्रतीक है। आने वाले त्योहारों पर उन्होंने घोषणा की, “होली और डोल के अवसर पर बड़ा उत्सव होगा और मैं वहां डांडिया खेलूँगी।”