दस्तावेजों पर घमासान! सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को दी बड़ी राहत, एडमिट कार्ड पर संशय हुआ खत्म

पश्चिम बंगाल में चल रही स्पेशल अंतरिम रिपोर्ट (SIR) प्रक्रिया के बीच दस्तावेजों की वैधता को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। बुधवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने कहा कि माध्यमिक (कक्षा १०वीं) का एडमिट कार्ड अकेले एक स्वतंत्र दस्तावेज (Standalone Document) के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसे केवल पूरक दस्तावेज के रूप में ही उपयोग किया जा सकता है।

अदालत की व्याख्या: चुनाव आयोग के वकील ने चिंता जताई थी कि एडमिट कार्ड को आधार की तरह इस्तेमाल करने से गड़बड़ हो सकती है। इस पर जस्टिस जयमाल्य बागची ने स्पष्ट किया कि कई बार माध्यमिक पासिंग सर्टिफिकेट में जन्म तिथि या पिता का नाम नहीं होता। ऐसे में उस कमी को पूरा करने के लिए एडमिट कार्ड को साथ में लगाया जा सकता है। लेकिन अगर कोई छात्र परीक्षा में बैठा और फेल हो गया, तो उसके पास भी एडमिट कार्ड होगा, इसलिए इसे पासिंग सर्टिफिकेट के बिना वैध नहीं माना जा सकता।

अधिकारियों को निर्देश: सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि १५ फरवरी तक ईआरओ (ERO) और एईआरओ (AERO) के पास जो भी दस्तावेज जमा हुए हैं, उन्हें कल शाम ५ बजे तक प्रिसाइडिंग अधिकारियों को सौंप दिया जाए।

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