डीजल का जमाना लदा! पानी और ऑक्सीजन से बनी बिजली से दौड़ी ट्रेन, भारत बना दुनिया का पांचवां ऐसा देश

भारतीय रेलवे ने बुधवार को पर्यावरण के अनुकूल परिवहन की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। हरियाणा के जींद से सोनीपत के बीच देश की पहली हाइड्रोजन लोकोमोटिव ट्रेन का ट्रायल रन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह ट्रेन सुबह ७ बजे जींद यार्ड से निकली और ८:२५ बजे सोनीपत के लिए रवाना हुई।
खासियत और तकनीक: चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) में निर्मित इस ट्रेन में १,२०० हॉर्सपावर का इंजन है, जिसकी अधिकतम रफ्तार १५० किमी प्रति घंटा है। यह ट्रेन डीजल की जगह हाइड्रोजन ईंधन सेल तकनीक पर आधारित है, जो शून्य-उत्सर्जन (Zero Emission) सुनिश्चित करती है। ट्रायल के दौरान इंजन की गति, ब्रेकिंग सिस्टम और ईंधन की खपत की बारीकी से निगरानी की गई।
दुनिया में भारत का डंका: इस सफल परीक्षण के साथ ही भारत, जर्मनी, स्वीडन, जापान और चीन के बाद हाइड्रोजन ट्रेन चलाने वाला दुनिया का पांचवां देश बन जाएगा। जींद में इसके लिए १२० करोड़ की लागत से हाइड्रोजन रिफ्यूलिंग प्लांट भी बनाया गया है। रेलवे के अनुसार, नियमित परिचालन शुरू होने के बाद ९० किमी का सफर २ घंटे से घटकर मात्र १ घंटे का रह जाएगा।