ममता सरकार का बड़ा तोहफा: अब सूरज की रोशनी से होगी खेतों की सिंचाई, डीजल का खर्च खत्म!

पश्चिम बंगाल सरकार ने खेती की लागत कम करने और पर्यावरण को बचाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। पश्चिम मेदिनीपुर जिले के सबंग ब्लॉक में राज्य का पहला सौर ऊर्जा संचालित मीडियम डीप ट्यूबवेल (MDTW) प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। जल संसाधन विकास मंत्री मानसरंजन भुइयां की मौजूदगी में इस पायलट प्रोजेक्ट की सफलता को जनता के सामने रखा गया। यह परियोजना विशेष रूप से आदिवासी बहुल देवभोग इलाके के किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है।

तकनीकी रूप से यह प्रोजेक्ट काफी उन्नत है। लगभग 43.96 लाख रुपये की लागत से 15 हॉर्सपावर (HP) का सबमर्सिबल पंप लगाया गया है। इसे चलाने के लिए 36 सोलर पैनल लगाए गए हैं, जो 19,800 वाट बिजली पैदा करते हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि किसानों को अब महंगे डीजल या बिजली के बिल की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। दिन के उजाले में सौर ऊर्जा का उपयोग कर किसान बिना किसी रुकावट के खेतों की सिंचाई कर पा रहे हैं।

इस परियोजना से कुल 358 किसान लाभान्वित हो रहे हैं, जिनमें से 300 किसान अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के हैं। फिलहाल 130 बीघा जमीन पर इस सिस्टम से पानी पहुंचाया जा रहा है, जिसमें धान, रजनीगंधा के फूल और विभिन्न सब्जियां उगाई जा रही हैं। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि डीजल पंपों से निकलने वाले धुएं से पर्यावरण को होने वाले नुकसान को रोकने में भी यह सिस्टम गेमचेंजर साबित होगा। मंत्री भुइयां ने कहा कि सबंग की इस सफलता के बाद अब पूरे राज्य में सौर सिंचाई प्रणाली का विस्तार किया जाएगा, जिससे किसानों की आय में भारी बढ़ोतरी होगी।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *