ममता बनर्जी का गुजराती प्रेम! भवानीपुर में बोला ‘केम छो’, होली पर डांडिया खेलने की जताई इच्छा

आगामी विधानसभा चुनावों की आहट के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने निर्वाचन क्षेत्र भवानीपुर में एक बड़ा सार्वजनिक संदेश दिया है। बुधवार को जैन धर्म के पवित्र प्रार्थना स्तंभ (मानस स्तंभ) का उद्घाटन करते हुए ममता बनर्जी ने भवानीपुर को ‘मिनी इंडिया’ करार दिया। उन्होंने कहा कि भवानीपुर की खूबसूरती इसकी विविधता है, जहां हर भाषा और धर्म के लोग शांति से रहते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, “भवानीपुर में गुजराती, मारवाड़ी, पंजाबी और बंगाली सब साथ रहते हैं। मेरा किसी के साथ कोई झगड़ा नहीं है। मैं तो सबके घर जाती हूं।” उन्होंने जैन धर्म और बंगाल के ऐतिहासिक रिश्तों का जिक्र करते हुए वर्धमान और पुरुलिया के मंदिरों की चर्चा की। ममता ने मंच से गुजराती और मारवाड़ी भाषा के प्रति अपना लगाव जाहिर करते हुए ‘केम छो’ कहकर लोगों का अभिवादन किया। उन्होंने अन्य राज्यों में बंगालियों पर हो रहे हमलों का संकेत देते हुए कहा कि बंगाल में सभी धर्मों का सम्मान होता है।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री काफी खुशमिजाज नजर आईं। उन्होंने कहा कि वह इस बार होली और डोल का त्योहार बड़े स्तर पर मनाएंगी और डांडिया भी खेलेंगी। उन्होंने वहां मौजूद समुदाय से मुस्कुराते हुए कहा, “मैं डांडिया खेलूंगी, मेरे लिए डांडिया लेकर आना।” रमजान के महीने का जिक्र करते हुए उन्होंने सभी से शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। विशेषज्ञों का मानना है कि ममता का यह रुख भवानीपुर के गैर-बंगाली मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की एक सोची-समझी रणनीति है।