कोलकाता मेट्रो का नया धमाका! बिजली कटने पर भी टनल में नहीं फंसेगी ट्रेन, शुरू हुआ खास बैकअप

कोलकाता मेट्रो ने एक बार फिर इतिहास रचते हुए देश में पहली बार ‘बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम’ (BESS) की शुरुआत की है। बुधवार को सेंट्रल मेट्रो स्टेशन पर इस अत्याधुनिक प्रणाली का औपचारिक उद्घाटन किया गया। यह सिस्टम ग्रिड फेल होने या अचानक बिजली गुल होने की स्थिति में बैकअप पावर के रूप में काम करेगा, जिससे यात्रियों को टनल के बीच में फंसने के डर से मुक्ति मिलेगी।
बिना ग्रिड के भी दौड़ेगी मेट्रो इस सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ग्रिड फेल होने पर भी यह मेट्रो रैक को ५५ किमी/घंटा की गति से सुरंग के बीच से अगले स्टेशन तक पहुँचाने में सक्षम है। इसके अलावा, यह भूमिगत स्टेशनों में वेंटिलेशन और पर्यावरण नियंत्रण प्रणालियों को भी बिजली की आपूर्ति जारी रखेगा।
तकनीकी विशेषताएँ और पर्यावरण लाभ: यह ४ मेगावाट का BESS सिस्टम ६.४ मेगावाट-घंटा लिथियम आयरन फास्फेट (LFP) बैटरी द्वारा संचालित है। केंद्र सरकार के ‘नेशनल प्रोग्राम ऑन एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल’ के तहत इसे विकसित किया गया है। इसकी उम्र लगभग १४ साल है और यह पारंपरिक जनरेटर की तुलना में कार्बन फुटप्रिंट को काफी कम करेगा। इससे बिजली बिल में भी बचत होगी और ऊर्जा दक्षता बढ़ेगी।