लक्ष्मी भंडार के बाद अब ‘युवसाथी’ की धूम, बंगाल के हर जिले से मची फॉर्म भरने की होड़; जानें पूरी डिटेल

पश्चिम बंगाल सरकार की नई ‘युवसाथी’ (Yuvasathi Scheme) योजना ने राज्य के युवाओं के बीच हलचल मचा दी है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा शुरू की गई इस योजना में शामिल होने के लिए युवाओं में गजब का उत्साह देखा जा रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पंजीकरण शुरू होने के महज 9 दिनों के भीतर लगभग 77 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं। आज यानी 26 फरवरी को आवेदन करने का आखिरी दिन है, लेकिन भारी भीड़ को देखते हुए नबन्ना (राज्य सचिवालय) आवेदन की समय सीमा बढ़ाने पर विचार कर रहा है।

किस जिले ने मारी बाजी? नबन्ना द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार तक कुल 76 लाख 77 हजार आवेदन जमा किए जा चुके हैं। आवेदन करने वालों में सबसे ज्यादा संख्या दक्षिण 24 परगना जिले की है। इसके बाद मुर्शिदाबाद, उत्तर 24 परगना, बांकुरा और पुरुलिया के युवाओं ने सबसे अधिक रुचि दिखाई है। इस योजना के तहत 21 से 40 वर्ष की आयु के माध्यमिक पास बेरोजगार युवाओं को हर महीने 1500 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। यह सहायता तब तक मिलेगी जब तक उन्हें रोजगार नहीं मिल जाता या अधिकतम पांच वर्षों के लिए।

लक्ष्मी भंडार और आत्मनिर्भर शिविरों में भीड़: राज्य भर में चल रहे ‘आत्मनिर्भर बांग्ला’ शिविरों में भी भारी भीड़ उमड़ रही है। ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना के तहत राशि 1000 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये (18,000 रुपये प्रति वर्ष) किए जाने के बाद महिलाओं में नया उत्साह है। कई महिलाओं ने बताया कि बढ़ी हुई राशि के कारण वे फिर से फॉर्म भर रही हैं। इसके अलावा भूमिहीन किसान भी बड़ी संख्या में सरकारी सहायता के लिए आवेदन कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहले इस योजना को 15 अगस्त से शुरू करने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन बाद में इसे बदलकर 1 अप्रैल कर दिया गया। इसी कारण 16 से 26 फरवरी तक पंजीकरण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। आज अंतिम तिथि होने के कारण ऑनलाइन पोर्टल और सरकारी दफ्तरों में आवेदकों का तांता लगा हुआ है।

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