सड़क भ्रष्टाचार का विरोध करने पर महिला को पेड़ से बांधकर निर्वस्त्र किया, मेदिनीपुर में रूह कपाने वाली वारदात!

पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहाँ एक महिला को पेड़ से बांधकर और उसे निर्वस्त्र कर बेरहमी से पीटा गया। महिला का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने स्थानीय स्तर पर सड़क निर्माण में हो रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई थी। इस भयावह घटना के दौरान महिला की नाबालिग बेटी भी वहीं मौजूद थी, जो अपनी माँ पर हो रहे अत्याचार को देखने के लिए मजबूर थी।
इस घटना की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने इस कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए इसे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 21 और 23 का खुला उल्लंघन करार दिया है। NCW ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की लैंगिक हिंसा न केवल महिला की गरिमा पर प्रहार है, बल्कि अन्याय के खिलाफ बोलने के उसके संवैधानिक अधिकार का दमन भी है।
आयोग ने पुलिस प्रशासन को तुरंत उचित धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने और एक समयबद्ध, निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। NCW ने अधिकारियों को आदेश दिया है कि मामले से जुड़े सभी मेडिकल, फोरेंसिक और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए ताकि अपराधियों को कड़ी सजा दिलाई जा सके। आयोग ने मांग की है कि चार्जशीट जल्द दाखिल की जाए और मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में की जाए। आयोग ने प्रशासन से 5 दिनों के भीतर विस्तृत ‘कार्रवाई रिपोर्ट’ (ATR) मांगी है।
राष्ट्रीय महिला आयोग केवल बंगाल ही नहीं, बल्कि देश के अन्य हिस्सों में भी महिलाओं की सुरक्षा के लिए तत्पर है। हाल ही में तेलंगाना के मुलुगु जिले में एक नाबालिग के साथ कथित यौन उत्पीड़न की अफवाह उड़ी थी, जहाँ आयोग की टीम ने खुद जाकर सच्चाई का पता लगाया और गलत सूचना फैलाने वालों के खिलाफ चेतावनी दी। लेकिन मेदिनीपुर की यह घटना जमीनी हकीकत है, जो सत्ता और प्रशासन के दावों पर सवालिया निशान लगाती है। भ्रष्टाचार के खिलाफ उठने वाली आवाज को बर्बरता से दबाने का यह प्रयास अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।