सिक्किम में महाविनाश की आहट? 20 दिनों में 50 बार आया भूकंप, गुरुवार को फिर कांप उठा उत्तर बंगाल

सिक्किम और उत्तर बंगाल के पहाड़ों में इन दिनों दहशत का साया है। प्रकृति के बदलते मिजाज ने वैज्ञानिकों और आम जनता की नींद उड़ा दी है। पिछले 20 दिनों के भीतर सिक्किम में 50 से भी ज्यादा बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। गुरुवार को एक बार फिर धरती दो बार कांपी, जिससे सिलीगुड़ी, जलपाइगुड़ी और दार्जिलिंग में अफरा-तफरी मच गई। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 4.6 मापी गई है।

फरवरी के महीने में सिक्किम का भूस्तर लगातार अशांत बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, अकेले गुरुवार को ही राज्य के विभिन्न हिस्सों में बार-बार कंपन महसूस किया गया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र सिक्किम के ग्यालशिंग में जमीन से 10 किलोमीटर नीचे था। इससे पहले 6 फरवरी को भी देर रात आए भूकंप ने लोगों को डरा दिया था। बार-बार आ रहे इन झटकों के कारण पहाड़ों में मौजूद पर्यटक भी अब घर वापसी की राह देख रहे हैं।

भूवैज्ञानिकों ने एक डरावनी चेतावनी जारी की है। विशेषज्ञों का मानना है कि ये छोटे-छोटे झटके ‘फोर शॉक’ (Fore Shock) हो सकते हैं। आमतौर पर किसी बड़े भूकंप से पहले धरती के नीचे इस तरह की हलचल देखी जाती है। राबांग्ला के पास लगातार हो रहे इन कंपनों ने प्रशासन की चिंता भी बढ़ा दी है। सिलीगुड़ी से लेकर गंगटोक तक लोग अब इस डर में जी रहे हैं कि कहीं यह किसी बड़ी तबाही की शुरुआत तो नहीं है?

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