‘चुन-चुनकर घुसपैठियों को बाहर निकालेंगे’, अमित शाह ने बिहार से फूँका बंगाल विजय का शंखनाद!

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बिहार की धरती से पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में जीत का बड़ा दावा किया है। बिहार के अररिया जिले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने हुंकार भरी कि बंगाल में अगली सरकार भारतीय जनता पार्टी की ही बनेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सत्ता में आते ही भाजपा का पहला एजेंडा घुसपैठियों को चुन-चुनकर देश से बाहर निकालना होगा।
अमित शाह ने ममता सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “घुसपैठ के कारण बंगाल की जनसांख्यिकीय (Demography) बदल गई है। मैंने बिहार की जनता से वादा किया था कि हर एक घुसपैठिये को भारत से बाहर निकालूँगा। अब समय आ गया है कि पूरे सीमावर्ती क्षेत्र को घुसपैठ मुक्त बनाया जाए।” उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने अपने वोट बैंक के लिए घुसपैठियों को पनाह दी है और इसी वजह से वह मतदाता सूची के सुधार (SIR) में बाधा डाल रही हैं।
शाह के इस बयान पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। टीएमसी प्रवक्ता तन्मय घोष ने कहा कि सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी बीएसएफ की है, जो सीधे गृह मंत्रालय के अधीन आता है। अगर घुसपैठ हो रही है, तो अमित शाह को अपनी विफलता स्वीकार करते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा का बंगाल जीतने का सपना कभी पूरा नहीं होगा।
मार्च के तीसरे सप्ताह में बंगाल में चुनाव की घोषणा होने की संभावना है। ऐसे में अमित शाह का यह कड़ा रुख संकेत दे रहा है कि आगामी चुनाव में ‘घुसपैঠ’ एक बड़ा चुनावी मुद्दा बनने जा रहा है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच इस जुबानी जंग ने बंगाल की राजनीतिक गर्मी को और बढ़ा दिया है।