क्या बंगाल में टूटेगा ममता का ‘मुस्लिम वोट बैंक’? शुभेंदु अधिकारी के दावे ने मचाई राजनीतिक खलबली!

पश्चिम बंगाल में अगले विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की राजनीति में एक नया मोड़ आता दिख रहा है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया है कि इस बार तृणमूल कांग्रेस का सबसे मजबूत किला यानी ‘अल्पसंख्यक वोट बैंक’ ढहने वाला है। शुभेंदु का कहना है कि आगामी चुनावों में टीएमसी को हर मुस्लिम बहुल बूथ पर हार का सामना करना पड़ेगा और भाजपा को भी इन वोटों में अच्छी हिस्सेदारी मिलेगी।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा, “हिंदू वोट तो पहले ही भाजपा की ओर आ चुके हैं, अब अल्पसंख्यकों की बारी है। टीएमसी हर अल्पसंख्यक बूथ पर चुनाव हारेगी। केवल हम ही नहीं, बल्कि सीपीएम और आईएसएफ जैसे दल भी उनके वोट काटेंगे।” गौरतलब है कि हाल ही में शमीक भट्टाचार्य के बंगाल भाजपा अध्यक्ष बनने के बाद से पार्टी के सुर अल्पसंख्यकों को लेकर थोड़े नरम पड़े हैं। शुभेंदु ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि उन्होंने कभी यह नहीं कहा कि उन्हें मुस्लिम वोट नहीं चाहिए, बल्कि वे केवल हकीकत बता रहे थे।
दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस ने शुभेंदु के इस बयान पर तीखा पलटवार किया है। टीएमसी प्रवक्ता तन्मय घोष ने कहा कि भाजपा का अल्पसंख्यक प्रेम केवल चुनावी दिखावा है। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे कुछ समय पहले भाजपा नेता रोहिंग्याओं को लेकर बयान दे रहे थे और अब अचानक अल्पसंख्यकों की बात कर रहे हैं। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शुभेंदु के बदले हुए तेवर यह संकेत दे रहे हैं कि भाजपा इस बार बंगाल में अपनी रणनीति बदल रही है।