‘कोर सीट’ पर कोई समझौता नहीं! वामपंथियों के साथ बैठक के बाद बोले नौशाद सिद्दीकी- ‘जरूरत पड़ी तो करेंगे बलिदान’!

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले सियासी गलियारे में हलचल तेज हो गई है। बुधवार को आईएसएफ (ISF) प्रमुख नौशाद सिद्दीकी ने एक बार फिर वाम मोर्चा के शीर्ष नेताओं के साथ लंबी बैठक की। माकपा के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम और वाम मोर्चा के अध्यक्ष बिमान बसु की मौजूदगी में हुई इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सीटों का बंटवारा और गठबंधन की रूपरेखा तय करना था।
बैठक के बाद नौशाद सिद्दीकी ने कहा, “हमने अपना पक्ष साफ कर दिया है। गठबंधन के बड़े हित के लिए हम कई सीटें कुर्बान करने को तैयार हैं, लेकिन जो हमारी ‘कोर सीटें’ हैं, उन्हें हम किसी भी हाल में नहीं छोड़ेंगे।” उन्होंने बताया कि कुछ सीटों पर सहमति बन गई है, लेकिन कुछ प्रमुख निर्वाचन क्षेत्रों पर वाम दलों ने एक-दो दिन का समय मांगा है।
दक्षिण 24 परगना पर टिकी निगाहें: सूत्रों के मुताबिक, दक्षिण 24 परगना जिले की अल्पसंख्यक बहुल सीटों को लेकर आईएसएफ का दावा काफी मजबूत है। भांगड़ सीट पर पहले से ही नौशाद का कब्जा है, ऐसे में उस इलाके की अधिकांश सीटें आईएसएफ के खाते में जा सकती हैं। हालांकि, उत्तर 24 परगना और मालदा जैसे जिलों की कुछ सीटों पर अब भी पेंच फंसा हुआ है।
वाम मोर्चा के अध्यक्ष बिमान बसु ने संकेत दिया है कि गठबंधन को मजबूत करने के लिए वे भी लचीला रुख अपनाने को तैयार हैं। ममता बनर्जी और बीजेपी के खिलाफ एक मजबूत मोर्चा बनाने