बुजुर्गों और शहरी वोटर्स के लिए बड़ी राहत! अब सोसाइटियों के अंदर होगा पोलिंग स्टेशन!

शहरी मतदाताओं के बीच मतदान के प्रति उत्साह बढ़ाने के लिए चुनाव आयोग ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब पश्चिम बंगाल की 78 बड़ी बहुमंजिला इमारतों (High-rise buildings) के अंदर ही पोलिंग बूथ बनाए जाएंगे। आयोग के अनुसार, पहले केवल 21 इमारतों में यह व्यवस्था थी, लेकिन अब 57 नई सोसाइटियों को इस सूची में शामिल किया गया है, जिससे कुल संख्या 78 पहुंच गई है।
क्या है इसके पीछे की वजह? चुनाव आयोग का मानना है कि अक्सर बड़ी सोसाइटियों के लोग वोट डालने के लिए दूर के बूथों पर जाने से कतराते हैं। खासकर वरिष्ठ नागरिकों के लिए लंबी दूरी तय करना चुनौतीपूर्ण होता है। इसे ध्यान में रखते हुए आयोग ने ‘बूथ एट डोरस्टेप’ की नीति अपनाई है ताकि मतदान की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक और सुलभ हो सके।
जिलों के अनुसार नए बूथों का विवरण:
- दक्षिण 24 परगना: सबसे अधिक 25 सोसाइटियों में बूथ होंगे।
- उत्तर 24 परगना: 16 बहुमंजिला इमारतें।
- उत्तर कोलकाता: 5 इमारतें।
- हावड़ा: 4 सोसाइटियां।
- हुगली और पूर्व बर्धमान: 3-3 इमारतें।
- दक्षिण कोलकाता: 1 बड़ी सोसाइटी।
आयोग ने बताया कि प्रति बूथ मतदाताओं की औसत संख्या में भी 70 की कमी की गई है ताकि भीड़ कम रहे और सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता हो। इससे पहले 69 सोसाइटियों की योजना थी, जिसे अब बढ़ाकर 78 कर दिया गया है।