गिनीज बुक में दर्ज हुई पैंगोंग लेक मैराथन; बंगाल के धावक ने बर्फीले तूफान को मात देकर रचा इतिहास

लद्दाख की प्रसिद्ध पैंगोंग झील पर आयोजित ‘फ्रोजन लेक मैराथन’ ने एक बार फिर दुनिया को हैरान कर दिया है। शून्य से २० डिग्री नीचे तापमान और १५,००० फीट की ऊंचाई पर आयोजित इस दौड़ को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने दुनिया की सबसे ऊंची और ठंडी मैराथन के रूप में मान्यता दी है। इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में बंगाल का प्रतिनिधित्व करते हुए ‘बंगाल नेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री’ (BNCCI) के निदेशक ऋत्विक दास ने ऐतिहासिक सफलता हासिल की है।
भारतीय सेना और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से आयोजित यह मैराथन जलवायु परिवर्तन और ग्लेशियर संरक्षण का संदेश देती है। ऋत्विक दास ने प्रसिद्ध पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि लद्दाख में कम बर्फबारी ग्लोबल वार्मिंग का संकेत है। उन्होंने इस अनुभव को बंगाल के सुंदरवन और उत्तर बंगाल के संवेदनशील क्षेत्रों को बचाने के लिए एक ‘ब्लूप्रिंट’ के रूप में इस्तेमाल करने की बात कही है। खेल और पर्यावरण संरक्षण का यह संगम भविष्य के लिए एक नई मिसाल है।