प्रतीक उर रहमान का इस्तीफा और टीएमसी में एंट्री! अलीमुद्दीन स्ट्रीट के बचाव में उतरे सीपीएम नेता एमए बेबी

पश्चिम बंगाल में वामपंथी खेमे के युवा नेता प्रतीक उर रहमान के तृणमूल कांग्रेस (TMC) में शामिल होने के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। जहां एक ओर प्रतीक ने सीपीएम के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम पर भाई-भतीजावाद और नजरअंदाज करने के गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं अब सीपीएम के केंद्रीय नेता एमए बेबी ने राज्य नेतृत्व का बचाव किया है। बेबी ने प्रतीक के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दावा किया कि पार्टी ने उनसे बात करने की कोशिश की थी, लेकिन प्रतीक खुद चर्चा के लिए नहीं आए।
एमए बेबी ने कहा कि प्रतीक उर के मुद्दे को मीडिया जिस तरह से दिखा रहा है, सच्चाई उससे अलग है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य नेतृत्व के खिलाफ लगाए गए आरोप मनगढ़ंत हैं। इसके साथ ही, उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा केरल में ‘सीपीएम-बीजेपी गठबंधन’ के आरोपों का भी तीखा जवाब दिया। बेबी ने कहा, “ममता बनर्जी खुद बीजेपी के समर्थन से केंद्रीय मंत्री रह चुकी हैं। केरल में हमारे कॉमरेड आरएसएस के खिलाफ अपनी जान की बाजी लगाकर लड़ रहे हैं। वह सीपीएम पर आरोप लगा रही हैं क्योंकि वह सोचती हैं कि सब उनकी तरह ही हैं।” प्रतीक उर रहमान को पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए सीपीएम से पहले ही निष्कासित किया जा चुका है, लेकिन उनके जाने से बंगाल में वामपंथियों के सांगठनिक ढांचे पर सवाल जरूर खड़े हो गए हैं।