ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत! इजरायली हमले से दहल उठा तेहरान, 40 दिनों के शोक का ऐलान
मध्य पूर्व में सत्ता का सबसे बड़ा स्तंभ ढह गया है। ईरान की सरकारी मीडिया ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि कर दी है कि देश के सर्वोच्च धार्मिक नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की एक भीषण सैन्य हमले में मौत हो गई है। 1989 से ईरान की सत्ता के केंद्र रहे 86 वर्षीय खामेनेई की मौत के बाद तेहरान में 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है। ईरानी कैबिनेट ने एक आपातकालीन बैठक के बाद बयान जारी किया कि खामेनेई का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा और इसका कड़ा बदला लिया जाएगा।
ट्रम्प का बड़ा दावा और इजरायल की कार्रवाई: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर इस सफलता का जश्न मनाते हुए कहा कि “दुनिया के इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक खामेनेई मारा गया है।” ट्रम्प ने स्पष्ट किया कि वाशिंगटन और इजरायल द्वारा किए गए एक सटीक ऑपरेशन के जरिए इस लक्ष्य को हासिल किया गया। उन्होंने ईरानी सेना और पुलिस से अपील की कि वे अब इस ‘अत्याचारी शासन’ के लिए लड़ना बंद करें और ईरान के देशभक्त नागरिकों के साथ मिलकर देश का पुनर्निर्माण करें।
कैसे हुआ हमला? इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने जानकारी दी कि तेहरान के केंद्र में स्थित उस इमारत को निशाना बनाया गया जहां खामेनेई निवास करते थे। हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि किसी का भी बचना असंभव था। नेतन्याहू ने इसे न्याय की जीत बताया है।
ईरान का पलटवार: खामेनेई की मौत की पुष्टि के बीच, ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अपना गुस्सा जाहिर करना शुरू कर दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के कई होटलों और इमारतों पर ईरान द्वारा जवाबी हमले किए गए हैं। खामेनेई के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से भी एक रहस्यमयी पोस्ट की गई है, जिसमें तलवार लिए एक ढके हुए चेहरे वाले व्यक्ति की फोटो के साथ “पवित्र ईश्वर के नाम पर…” लिखा गया है। इस घटना ने दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध की दहलीज पर लाकर खड़ा कर दिया है।