जज्बा हो तो ऐसा! वर्धमान के मैदान पर दिव्यांग खिलाड़ियों का ‘तांडव’ देख दंग रह गए लोग

कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों, तो कोई भी शारीरिक बाधा आपको आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती। पश्चिम बंगाल के पूर्व वर्धमान जिले में एक ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जिसने सबका दिल जीत लिया। वर्धमान के गांगपुर स्थित विंसेंट एरिना स्पोर्ट्स टर्फ में “राइजिंग बियॉन्ड बाउंड्रीज” नाम से एक विशेष टूर्नामेंट का आयोजन किया गया। इस टूर्नामेंट में पैरा-एथलीट क्रिकेटर्स के खेल को देखकर दर्शकों के रोंगटे खड़े हो गए।
महिला शक्ति और पैरा-एथलीट्स का संगम यह आयोजन फिट इंडिया अभियान का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाशाली महिला खिलाड़ियों और विशेष रूप से सक्षम (दिव्यांग) एथलीटों को एक मंच प्रदान करना था। प्रतियोगिता में महिला फुटबॉल की चार टीमें, खो-खो की चार टीमें और पैरा-एथलीट क्रिकेट की चार टीमों ने हिस्सा लिया। जब मैदान पर पैरा-क्रिकेटर्स ने बल्ला घुमाया और व्हीलचेयर पर दौड़ लगाई, तो उनकी फुर्ती और जोश ने साबित कर दिया कि वे किसी से कम नहीं हैं।
प्रतिभा को पंख देने की कोशिश आयोजकों का मानना है कि दूर-दराज के इलाकों में रहने वाली महिलाएं और दिव्यांग खिलाड़ी अक्सर सही सुविधाओं और मौकों की कमी के कारण पीछे रह जाते हैं। समाज में आज भी उनके लिए अवसरों की कमी है। इसी कमी को दूर करने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए यह अनूठी पहल की गई। दिन के अंत में, यह टूर्नामेंट केवल हार-जीत का खेल नहीं रहा, बल्कि उन सैकड़ों युवाओं के लिए उम्मीद की एक नई किरण बन गया जो अपनी सीमाओं से परे उड़ना चाहते हैं।