अनुब्रत मंडल के करीबी नेता के नाम लगे पोस्टर, क्या संकट में है बीरभूम की राजनीति?

बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए अभी बिगुल बजना बाकी है, लेकिन बीरभूम की हंसन विधानसभा सीट पर अभी से सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। तृणमूल कांग्रेस के भीतर एक नया विवाद खड़ा हो गया है, जहां पार्टी के ही एक धड़े ने इस बार ‘अल्पसंख्यक उम्मीदवार’ की मांग करते हुए पोस्टर लगा दिए हैं। खास बात यह है कि इन पोस्टरों में अनुब्रत मंडल और मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा के करीबी माने जाने वाले जिला प्रवक्ता जमशेद अली खान को उम्मीदवार बनाने की पुरजोर वकालत की गई है।

पोस्टर हंसन के बस स्टैंड, बाजारों और अस्पतालों के बाहर चिपकाए गए हैं, जिससे जिला नेतृत्व काफी असहज महसूस कर रहा है। खुद जमशेद अली खान ने इस पर सफाई देते हुए कहा, “मैं खुद इस मामले से परेशान हूं। उम्मीदवार का चयन ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी करते हैं। किसी ने उत्साह में आकर ऐसा किया होगा, लेकिन इससे पार्टी में भ्रम पैदा हो रहा है।” राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, हंसन विधानसभा क्षेत्र में करीब 60 प्रतिशत अल्पसंख्यक मतदाता हैं, जिसे देखते हुए यह मांग उठाई जा रही है।

हालांकि, यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इसी क्षेत्र में प्रसिद्ध शक्तिपीठ तारापीठ मंदिर स्थित है। ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में अल्पसंख्यक कार्ड खेलने को लेकर बीजेपी ने टीएमसी पर निशाना साधा है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि वे इस बार तारापीठ मंदिर में आशीर्वाद लेकर मैदान में उतरेंगे। चुनाव से पहले बीरभूम की इस गुटीय राजनीति ने तृणमूल आलाकमान की सिरदर्दी बढ़ा दी है।

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