अजीबोगरीब मामला: चुनाव ड्यूटी करने वाले कर्मचारी का ही वोटर लिस्ट से नाम कटा, आसनसोल में मचा हड़कंप

पश्चिम बंगाल में फाइनल वोटर लिस्ट जारी होते ही विवादों का सिलसिला शुरू हो गया है। आसनसोल विधान चंद्र कॉलेज के कर्मचारी उदय मुखोपाध्याय उस समय दंग रह गए जब उन्हें पता चला कि फाइनल वोटर लिस्ट से उनका नाम गायब है। ताज्जुब की बात यह है कि उदय बाबू खुद 2014 से चुनाव आयोग के लिए चुनावी ड्यूटी करते आ रहे हैं। उनका दावा है कि ड्राफ्ट लिस्ट में उनका नाम था और उन्हें किसी सुनवाई (Hearing) के लिए भी नहीं बुलाया गया, फिर भी उनका नाम ‘डिलीट’ कर दिया गया।

हीरापुर के श्यामबांध निवासी उदय मुखोपाध्याय तृणमूल कांग्रेस के पुराने कार्यकर्ता रहे हैं। उन्होंने बताया, “मेरे पिता, माता और पत्नी, सबका नाम लिस्ट में है। मेरे पास 1982 के घर के दस्तावेज हैं और मैं यहीं का स्थायी निवासी हूं। बिना किसी नोटिस या सुनवाई के मेरा नाम काटना गहरी साजिश का हिस्सा लगता है।” उदय बाबू ने बीएलओ (BLO) पर भी सवाल उठाए हैं, जिन्होंने व्हाट्सएप पर उन्हें ‘डिलीट’ मार्क की हुई उनकी फोटो भेजी। इस घटना ने चुनाव आयोग की पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। उदय मुखोपाध्याय अब इस मुद्दे को लेकर कानूनी रास्ता अपनाने और आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत करने की तैयारी कर रहे हैं।

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