ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की मौत पर दिलीप घोष ने जताया शोक! ‘भारतीय जड़ों’ का हवाला देकर दी श्रद्धांजलि

इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया मोड़ आ गया है। भाजपा के कद्दावर नेता दिलीप घोष ने खामेनेई की मौत पर दुख व्यक्त करते हुए उनके परिवार का भारत से गहरा नाता बताया है। घोष ने फेसबुक पर लिखा कि वे खामेनेई और उनके परिवार के सदस्यों की आत्मा की शांति की कामना करते हैं।
दिलीप घोष ने अपने पोस्ट में इस बात पर जोर दिया कि खामेनेई परिवार की जड़ें भारत में थीं। ऐतिहासिक रूप से, अयातुल्ला रुहोल्लाह खुमैनी के दादा सैयद अहमद मुसावी ‘हिंदी’ का जन्म उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के किंतूर गांव में हुआ था। बाद में वे ईरान चले गए थे। दिलीप घोष ने इसी ‘भारतीय कनेक्शन’ का जिक्र कर सुर्खियां बटोरी हैं। जहां एक ओर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के इजरायल के साथ मजबूत संबंध हैं, वहीं दिलीप घोष का यह मानवीय और ऐतिहासिक दृष्टिकोण चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि भाजपा नेतृत्व ने अब तक इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन सोशल मीडिया पर दिलीप घोष के इस बेबाक अंदाज और इतिहास की समझ की काफी तारीफ हो रही है। विपक्षी दल अब इस पर भाजपा की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं।