ईरान में युद्ध का ऐलान! खामेनेई की मौत के बाद मस्जिद पर फहराया ‘लाल झंडा’, क्या इजरायल-अमेरिका का होगा अंत?

मध्य पूर्व की धरती पर एक बार फिर महायुद्ध की आहट सुनाई दे रही है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद पूरे देश में तनाव चरम पर है। इसी बीच, कोम शहर की पवित्र ‘जामकरन’ मस्जिद के गुंबद पर ‘लाल झंडा’ फहरा दिया गया है। शिया परंपरा में इस लाल झंडे का लहराना एक बहुत बड़ा और खौफनाक संकेत है—इसका अर्थ है ‘शहादत का बदला’ और ‘युद्ध का खुला आह्वान’।
वैश्विक विशेषज्ञों का मानना है कि खामेनेई की मौत के बाद इस झंडे को फहराकर ईरान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह अब चुप नहीं बैठेगा। शनिवार सुबह अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमलों के बाद, ईरान ने खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। खबर है कि ओमान के तट के पास एक तेल टैंकर पर ईरान ने हमला किया है, जिसमें 15 भारतीय नागरिक भी सवार हैं। इसके अलावा ओमान बंदरगाह पर ड्रोन हमलों ने भी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है।
ईरान में इस समय दो तरह की तस्वीरें दिख रही हैं—एक तरफ समर्थकों का विशाल हुजूम सड़कों पर मातम मना रहा है, तो दूसरी तरफ बदला लेने की कसम खाई जा रही है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ईरान को बातचीत का प्रस्ताव दिया है, लेकिन मस्जिद की मीनार पर लहराता वह लाल झंडा गवाही दे रहा है कि तेहरान अब आर-पार की जंग के मूड में है। क्या पश्चिम एशिया एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध की ओर बढ़ रहा है?