चुनाव से पहले मंत्री की कुर्सी पर खतरा! वोटर लिस्ट में नाम ‘पेंडिंग’, क्या तजमुल को मिलेगा टिकट?

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की आहट के बीच सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। राज्य के श्रम राज्य मंत्री तजमुल हुसैन का नाम चुनाव आयोग की अंतिम मतदाता सूची (SIR) में ‘विचाराधीन’ (Under Adjudication) श्रेणी में डाल दिया गया है। इसका मतलब है कि फिलहाल उनके पास वोट देने या चुनाव लड़ने का कानूनी अधिकार स्पष्ट नहीं है। शनिवार को जारी सूची के बाद यह खबर मालदा की राजनीति में आग की तरह फैल गई है।
हरिश्चंद्रपुर से विधायक तजमुल हुसैन को 18 जनवरी को दस्तावेजों में विसंगतियों के कारण नोटिस दिया गया था। अब कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त न्यायिक अधिकारी उनके दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। टीएमसी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि पार्टी उन्हें इस बार चंचल सीट से मैदान में उतारने की योजना बना रही थी, लेकिन मतदाता सूची के इस ‘पेच’ ने पूरी रणनीति बिगाड़ दी है। अगर नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि तक उनका नाम बहाल नहीं होता, तो वह चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। टीएमसी के जिला उपाध्यक्ष शुभमय बसु ने आरोप लगाया है कि भाजपा के इशारे पर आयोग जानबूझकर देरी कर रहा है। पार्टी अब इस मामले को लेकर कोर्ट जाने की तैयारी में है।