1 करोड़ वोटरों के नाम गायब! चुनाव आयोग के खिलाफ 6 मार्च को धरने पर बैठेंगी ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से ठीक पहले मतदाता सूची में संशोधन (SIR) को लेकर ममता सरकार और चुनाव आयोग के बीच आर-पार की जंग शुरू हो गई है। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने रविवार को घोषणा की कि मतदाता सूची से लाखों नाम अवैध रूप से हटाए जाने के विरोध में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आगामी 6 मार्च, शुक्रवार दोपहर 2 बजे से कोलकाता के मेट्रो चैनल पर विशाल धरने पर बैठेंगी।
शनिवार को चुनाव आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के बाद टीएमसी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि लगभग 63 लाख वैध मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं और 60 लोग नाम अभी भी ‘विचाराधीन’ (Under Adjudication) रखे गए हैं। उन्होंने इसे “लोकतंत्र की हत्या का ब्लूप्रिंट” बताते हुए कहा कि भाजपा के इशारे पर करोड़ों लोगों का मताधिकार छीना जा रहा है। टीएमसी का दावा है कि इस प्रक्रिया में प्रवासी श्रमिकों, अल्पसंख्यकों और पिछड़े वर्गों को सबसे अधिक निशाना बनाया गया है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि ममता बनर्जी का यह धरना चुनाव आयोग पर दबाव बनाने की एक बड़ी रणनीति है। अभिषेक ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सुधार नहीं किया गया, तो यह आंदोलन हर बूथ स्तर तक ले जाया जाएगा। 6 मार्च को होने वाले इस धरने में पार्टी के सभी शीर्ष नेता शामिल होंगे और वहीं से मुख्यमंत्री अगले बड़े कदम की घोषणा करेंगी। चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले इस मुद्दे ने बंगाल की राजनीति में भारी उबाल ला दिया है।