ईरान की मस्जिद पर लहराया ‘लाल झंडा’! क्या अब होगा महायुद्ध? कांप उठी दुनिया

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद ईरान ने दुनिया को एक खौफनाक संकेत दिया है। पवित्र शहर कोम की जमकरण मस्जिद के गुंबद पर ‘लाल झंडा’ फहराया गया है। शिया परंपरा में इस लाल झंडे का मतलब बहुत गहरा है—यह अन्यायपूर्ण तरीके से बहाए गए खून के बदले और ‘भीषण प्रतिशोध’ का प्रतीक है।

शनिवार को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमले में खामेनेई की मौत के बाद पूरे ईरान में तनाव है। जहाँ एक ओर ईरानी सड़कों पर गम और गुस्से का माहौल है, वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इसे ईरानी लोगों के लिए “आजादी का सबसे अच्छा मौका” करार दिया है। इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने खामेनेई को ‘ईरानी ऑक्टोपस का सिर’ बताते हुए कहा कि अब उनके खात्मे का समय आ गया है।

ईरान में सत्ता के गलियारों में भी हलचल तेज है। नए सर्वोच्च नेता के चुनाव तक देश की कमान संभालने के लिए एक ‘अंतरिम परिषद’ का गठन किया गया है। धार्मिक नेता अलीरेजा अराफी को इस परिषद का सदस्य नियुक्त किया गया है, जो राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और मुख्य न्यायाधीश के साथ मिलकर फिलहाल देश की बागडोर संभालेंगे। मस्जिद पर लहराता यह लाल झंडा संकेत दे रहा है कि आने वाले दिन मिडिल ईस्ट के लिए बेहद विनाशकारी हो सकते हैं।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *