‘खामेनेई का अंत, तानाशाही का खात्मा!’ ईरानी शहजादे रजा पहलवी ने अमेरिकी हमले को बताया ‘गेम चेंजर’

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत ने मध्य पूर्व की राजनीति में वो तूफान ला दिया है, जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में खामेनेई और उनके परिवार के सफाए के बाद ईरान के निर्वासित शहजादे रजा पहलवी ने इसे ‘वर्तमान शासन के अंत की शुरुआत’ करार दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह हमला महज सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि ईरान के आम लोगों के लिए अपना देश वापस पाने का सुनहरा रास्ता है।
फॉक्स न्यूज के साथ एक इंटरव्यू में रजा पहलवी ने इस अमेरिकी-इजरायली कार्रवाई को ‘गेम चेंजर’ बताया। उन्होंने कहा, “इसमें कोई शक नहीं कि यह वही मोड़ है जिसका इंतजार हम दशकों से कर रहे थे। देश के भीतर और बाहर ईरानियों की खुशी यह दिखा रही है कि लोग इस पल के लिए कितने बेताब थे।” पहलवी ने तर्क दिया कि पिछले हमलों का मकसद केवल परमाणु कार्यक्रम को रोकना था, लेकिन इस बार ‘शासन का सिर’ ही काट दिया गया है, जिससे इस्लामिक रिपब्लिक का पूरी तरह पतन निश्चित है।
निर्वासित राजकुमार अब ईरान में एक बड़े राजनीतिक परिवर्तन की तैयारी कर रहे हैं। उनका लक्ष्य वर्तमान धार्मिक कट्टरपंथ को खत्म कर देश को एक लोकतांत्रिक ढांचे की ओर ले जाना है। पहलवी ने खुलासा किया कि वह देश के भीतर प्रदर्शनकारियों और सैन्य अधिकारियों के एक बड़े गठबंधन के संपर्क में हैं। उन्होंने विभिन्न जातीय समूहों और अल्पसंख्यकों को एक साथ आने का आह्वान किया है। जबकि तेहरान बदले की आग में अरब देशों पर ड्रोन हमले कर रहा है, पहलवी इसे डूबते हुए शासन की आखिरी छटपटाहट मान रहे हैं। दुनिया अब देख रही है कि क्या ईरान की कमान फिर से पहलवी राजवंश या किसी लोकतांत्रिक व्यवस्था के हाथों में आएगी।