‘फाल्गुन में रथ यात्रा? ये चोरों का रथ है!’ अभिषेक ने उड़ाया बीजेपी का मजाक, कार्यकर्ताओं को दिया बड़ा टास्क

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 की आहट के बीच अभिषेक बनर्जी ने केंद्र की मोदी सरकार पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला है। सोमवार को कोलकाता के नजरूल मंच पर आयोजित ‘तपसिलिर संवाद’ कार्यक्रम में उन्होंने दावा किया कि यदि बंगाल की जनता ने 2026 में बीजेपी को 50 सीटों से कम पर समेट दिया, तो 2029 के लोकसभा चुनाव का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, दिल्ली में सरकार पहले ही बदल जाएगी।

दलित कार्ड और 60 लाख वोटर्स का मुद्दा अभिषेक ने राज्य की 84 आरक्षित सीटों पर फोकस करते हुए कार्यकर्ताओं से कहा कि वे घर-घर जाकर बीजेपी का ‘दलित विरोधी’ चेहरा उजागर करें। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने बंगाल के 60 लाख लोगों का नाम वोटर लिस्ट में ‘अंडर एडजुडिकेशन’ (विचाराधीन) डाल दिया है। उन्होंने तीखा सवाल किया, “अगर ये 60 लाख लोग वोट देने के पात्र नहीं हैं, तो इन्हीं के वोटों से चुनकर आए पीएम और गृहमंत्री की कुर्सी वैध कैसे है?”

ममता सरकार की योजनाओं का बखान अभिषेक ने ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना का जिक्र करते हुए कहा कि ममता सरकार अनुसूचित जाति और जनजाति की महिलाओं को हर महीने 1700 रुपये दे रही है, जो 5 साल में 1 लाख रुपये से अधिक होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि अगले दो महीने नींद और खाने के समय को छोड़कर केवल बंगाल की सेवा और चुनाव प्रचार में बिताएं।

बीजेपी की रथ यात्रा पर कटाक्ष बीजेपी की ‘परिवर्तन यात्रा’ पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि फाल्गुन के महीने में रथ यात्रा पहली बार सुनी है। उन्होंने इसे ‘चोरों और धोखेबाजों’ का रथ बताया और कहा, “ये लोग रथ पर हैं, जबकि तृणमूल के कार्यकर्ता पथ (सड़क) पर हैं।” उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा कि ममता बनर्जी 250 सीटों के साथ चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी और इसी रथ पर बीजेपी की वापसी की ‘उल्टी रथ यात्रा’ शुरू होगी।

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