तेहरान के हॉस्टल में कैद श्रीनगर की सोबिया! खाने की किल्लत और बाहर बमों के धमाके, परिवार बेहाल

ईरान और इजरायल के बीच छिड़ी जंग ने उन सैकड़ों भारतीय छात्रों की जान जोखिम में डाल दी है, जो अपने सुनहरे भविष्य का सपना लेकर वहां गए थे। श्रीनगर की 18 वर्षीय सोबिया खान, जो कुछ महीने पहले ही एमबीबीएस (MBBS) की पढ़ाई करने तेहरान गई थीं, अब एक हॉस्टल के कमरे में सिमटी हुई हैं। बाहर मिसाइलों और बमों की गड़गड़ाहट है, हॉस्टल में खाना खत्म हो रहा है और संचार के साधन लगभग ठप हैं।

युद्ध के साये में 1200 छात्र ईरान के परमाणु केंद्रों को लेकर शुरू हुआ विवाद अब महायुद्ध का रूप ले चुका है। वहां के विश्वविद्यालयों को बंद कर दिया गया है और कर्फ्यू लगा है। सोबिया के भाई ने बताया, “बहन से बात नहीं हो पा रही है। कल सुबह एक मिनट के लिए फोन आया था, वह सिर्फ रो रही थी। उसने कहा कि हर तरफ सिर्फ विस्फोटों की आवाज आ रही है। माता-पिता ने खाना-पीना छोड़ दिया है।” सोबिया के साथ लगभग 1200 अन्य भारतीय छात्र भी वहां फंसे हुए हैं।

भारत सरकार से मदद की अपील युद्धग्रस्त ईरान में फंसे छात्रों के परिवार अब भारत सरकार और विदेश मंत्रालय की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं। श्रीनगर से लेकर दिल्ली तक, परिजनों की केवल एक ही मांग है कि जल्द से जल्द एयरलिफ्ट या अन्य माध्यमों से इन छात्रों को सुरक्षित स्वदेश वापस लाया जाए।

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