पेंशनभोगियों की चांदी! कैशलेस इलाज की २ लाख वाली सीमा खत्म, पश्चिम बंगाल सरकार का बड़ा ऐलान

पश्चिम बंगाल के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए खुशियों का सिलसिला जारी है। चुनावी माहौल के बीच ममता सरकार ने पेंशनभोगियों के लिए ‘पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य योजना’ (WBHS) के तहत एक क्रांतिकारी फैसला लिया है। वित्त विभाग के मेडिकल सेल द्वारा जारी नई अधिसूचना के अनुसार, अब पेंशनभोगियों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अपनी जेब से पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
क्या है नया फैसला? अब तक पेंशनभोगियों को अस्पताल में भर्ती होने पर केवल २ लाख रुपये तक की कैशलेस सुविधा मिलती थी। यदि बिल २ लाख से ऊपर जाता था, तो अतिरिक्त राशि खुद देनी पड़ती थी, जिसे बाद में प्रतिपूर्ति (Reimbursement) के जरिए वापस लिया जाता था। लेकिन अब सरकार ने इस सीमा को हटा दिया है। अब २ लाख रुपये से अधिक का बिल होने पर भी पेंशनभोगी कैशलेस इलाज का लाभ उठा सकेंगे, जैसा कि वर्तमान में कार्यरत कर्मचारियों को मिलता है।
नियम और शर्तें: इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए कुछ नियमों का पालन करना होगा। यह सुविधा केवल अस्पताल में भर्ती (IPD) होने पर ही मिलेगी। इलाज के दौरान जब खर्च २ लाख रुपये को पार करने लगे, तब अस्पताल के एस्टीमेट के आधार पर आवेदन करना होगा। राज्य सरकार एस्टीमेट की ७५% राशि को कैशलेस के रूप में मंजूरी देगी। यह मंजूरी एक बार में १० दिनों के लिए मान्य होगी और जरूरत पड़ने पर इसे बढ़ाया जा सकेगा।