इंडोनेशिया में सुबह-सुबह कुदरत का कहर! 6.2 की तीव्रता से डोली धरती, सुनामी की आहट या तबाही का संकेत?

इंडोनेशिया एक बार फिर भीषण भूकंप की चपेट में है। मंगलवार की सुबह इस द्वीप राष्ट्र के लिए दहशत भरी रही, जब रिक्टर स्केल पर 6.2 की तीव्रता वाले एक शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही की आशंका पैदा कर दी। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, सुबह 10 बजकर 26 मिनट पर आए इस भूकंप का केंद्र काफी गहराई में था, लेकिन इसके झटके इतने तेज थे कि लोग अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए।
हालांकि अब तक किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन प्रशासन ने संपत्ति के बड़े नुकसान की आशंका जताई है। राहत और बचाव कार्य से जुड़ी टीमें प्रभावित इलाकों में नुकसान का जायजा ले रही हैं। इंडोनेशिया के भौगोलिक इतिहास को देखते हुए 6.2 की तीव्रता का भूकंप एक गंभीर चेतावनी माना जा रहा है।
आज के इस भूकंप ने साल 2016 की उस भयावह त्रासदी की यादें ताजा कर दी हैं, जब सुमात्रा में आए भूकंप ने सोते हुए सैकड़ों लोगों की जान ले ली थी। उस समय तड़के आए भूकंप ने लोगों को संभलने तक का मौका नहीं दिया था और देखते ही देखते सब कुछ मलबे में तब्दील हो गया था। इससे भी भयानक मंजर 2004 में देखने को मिला था, जब 6.5 की तीव्रता वाले भूकंप और उसके बाद आई सुनामी ने इंडोनेशिया को ‘मौत के टापू’ में बदल दिया था। उस वक्त भूकंप का केंद्र सिगली से 19 किमी दूर जमीन के 17 किमी नीचे था।
इंडोनेशिया ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में स्थित है, जिसके कारण यहाँ अक्सर टेक्टोनिक प्लेटों में हलचल होती रहती है। आज सुबह के झटकों के बाद तटीय इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। लोग अभी भी डरे हुए हैं और सुरक्षित स्थानों की तलाश कर रहे हैं। प्रशासन ने जनता से धैर्य बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है।