मौत का पुल! बीच से धंसे हुए पुल पर दौड़ रहे हैं भारी ट्रक, क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा प्रशासन?

पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले के सोनामुखी ब्लॉक से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसे देखकर किसी की भी रूह कांप जाए। रामपुर इलाके में शाली नदी पर बना एक कंक्रीट का पुल पिछले दो साल से बीच से टूटा हुआ है और किसी झूले की तरह लटका हुआ है। बावजूद इसके, इस खतरनाक पुल पर साइकिल, बाइक और भारी ट्रक बेखौफ दौड़ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि विकल्प न होने के कारण वे अपनी जान हथेली पर रखकर इसे पार करने को मजबूर हैं।

दो साल पहले मूसलाधार बारिश और शाली नदी में आई बाढ़ के कारण पुल के खंभे धंस गए थे, जिससे पुल का एक हिस्सा टूटकर झुक गया। प्रशासन ने पुल के दोनों ओर ‘टूटा हुआ पुल’ का बोर्ड लगाकर अपना कर्तव्य पूरा मान लिया, लेकिन ३० से ४० गांवों के लोगों के लिए नदी पार करने का यह एकमात्र रास्ता है। यहां तक कि स्कूली बच्चे और एम्बुलेंस भी इसी टूटे हुए ढांचे का सहारा ले रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पुल की वजह से एक बच्चे की जान भी जा चुकी है, लेकिन मरम्मत का काम अब तक शुरू नहीं हुआ।

विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही इस मुद्दे पर राजनीति तेज हो गई है। विपक्षी दल इसे सरकार की विफलता बता रहे हैं, जबकि सत्ता पक्ष जल्द ही नया पुल बनाने का आश्वासन दे रहा है। सोनामुखी के बीडीओ नीलोत्पल चक्रवर्ती ने कहा कि पुल का सर्वे कराया जा चुका है और संबंधित विभाग को रिपोर्ट भेज दी गई है। अब ग्रामीणों को इंतजार है कि कब उन्हें इस मौत के रास्ते से मुक्ति मिलेगी।

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