वोटर लिस्ट में डिप्टी मेयर का नाम ‘विचाराधीन’! आसनसोल में चुनाव आयोग पर भड़के टीएमसी नेता

पश्चिम बंगाल के आसनसोल में अंतिम मतदाता सूची (Final Voter List) के प्रकाशन के बाद बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। आसनसोल नगर निगम के डिप्टी मेयर वसीम उल हक और पश्चिम वर्धमान जिला परिषद के सदस्य मोहम्मद अरमान का नाम मतदाता सूची में ‘अंडर एडजुडिकेशन’ (विचाराधीन) की श्रेणी में डाल दिया गया है। यानी फिलहाल वे वोटर के रूप में मान्य नहीं हैं।
वसीम उल हक ने नाराजगी जताते हुए कहा कि वे तीन बार से जन प्रतिनिधि हैं, उनके पास पासपोर्ट, आधार और पैन कार्ड जैसे सभी वैध दस्तावेज हैं, फिर भी उनका नाम संदिग्ध श्रेणी में क्यों है? उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग बीजेपी के इशारे पर काम कर रहा है।
बीजेपी पर निशाना: वहीं, मोहम्मद अरमान के परिवार के 6 सदस्यों का नाम भी इसी श्रेणी में है। अरमान ने आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके और उनकी पत्नी के नाम पर संदेह जताया गया है, जबकि उनके बच्चों के नाम सूची में हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके ब्लॉक से लगभग 22 हजार वोट काट दिए गए हैं। टीएमसी नेताओं का आरोप है कि बीजेपी चुनाव आयोग का इस्तेमाल करके तृणमूल के वोट बैंक को खत्म करने की साजिश रच रही है।