युद्ध नहीं शांति चाहिए! श्रीरामपुर की दुर्गा पूजा से दुनिया को दिया गया अमन और भाईचारे का संदेश

पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के श्रीरामपुर में होली के अवसर पर एक अनोखी परंपरा निभाई जा रही है। पंचाननतला इलाके में पिछले 222 वर्षों से ‘डोल दुर्गा’ की पूजा की जा रही है। यहां भक्त भगवान कृष्ण के साथ-साथ मां दुर्गा के चरणों में भी गुलाल अर्पित कर वसंत उत्सव मनाते हैं।

पूजा का इतिहास और स्वरूप: माना जाता है कि सदियों पहले महामारी से बचने के लिए स्थानीय लोगों ने इस पूजा की शुरुआत की थी। इस मूर्ति में मां दुर्गा के साथ उनके पुत्र-पुत्रियां नहीं, बल्कि सखियां ‘जया और विजया’ विराजमान होती हैं। तीन दिनों तक चलने वाली इस पूजा का समापन सिंदूर खेला के साथ होता है। इस साल, पूजा समिति के सदस्यों ने दुनिया भर में चल रहे युद्धों (ईरान-इजरायल संघर्ष) के विरोध में ‘शांति संदेश’ के पोस्टर पहनकर उत्सव में भाग लिया और मानवता की जीत की कामना की।

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