शेयर बाजार में हाहाकार, लेकिन इन ३ स्टॉक्स पर फिदा हुए विदेशी निवेशक! ३ महीने में ५०% तक बढ़ाई हिस्सेदारी

भारतीय शेयर बाजार में जारी गिरावट और ईरान-इजरायल युद्ध के तनाव के बीच विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने कुछ चुनिंदा शेयरों में अपनी पैठ मजबूत की है। जहां आम निवेशक बाजार के ‘लाल’ निशान से डरे हुए हैं, वहीं FII ने कुछ कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी को कई गुना बढ़ा दिया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि विदेशी निवेशकों की यह खरीदारी रिटेल इनवेस्टर्स के लिए एक बड़ा संकेत हो सकती है।
FII की पसंद बने टॉप ३ स्टॉक्स पर एक नजर:
१. आर्टेमिस मेडिकेयर सर्विसेज (Artemis Medicare Services): हेल्थकेयर सेक्टर की इस कंपनी में विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी रातों-रात बढ़ी है। सितंबर २०२५ में जहां FII की हिस्सेदारी महज ०.३७% थी, वहीं दिसंबर तिमाही में यह उछलकर १२.४७% पर पहुंच गई है। हालांकि सोमवार को यह शेयर २.९२% गिरकर ₹२३१.१५ पर बंद हुआ, लेकिन FII का इसमें बना रहना बड़ी बात है।
२. नॉलेज मरीन एंड इंजीनियरिंग वर्क्स (Knowledge Marine & Engineering Works): मरीन इंजीनियरिंग क्षेत्र की इस कंपनी में भी विदेशी फंड्स ने बड़ा दांव खेला है। सितंबर २०२५ में उनकी हिस्सेदारी ०.७४% थी, जो दिसंबर तिमाही में बढ़कर ११.०१% हो गई। पिछले ट्रेडिंग सत्र में यह शेयर २.४०% की बढ़त के साथ ₹१६४६.४० पर रहा।
३. बैंक ऑफ महाराष्ट्र (Bank of Maharashtra): पीएसयू बैंकिंग सेक्टर में इस बैंक पर विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। सितंबर २०२५ में FII के पास २.३५% शेयर थे, जो दिसंबर के अंत तक बढ़कर ४.९२% हो गए। अच्छे तिमाही नतीजों के बाद इस स्टॉक ने २१% तक का रिटर्न दिया है, हालांकि सोमवार को बाजार के दबाव में इसमें ३.७२% की गिरावट आई।
इन निवेशों के बीच, कच्चे तेल का संकट भारत के लिए चुनौती बना हुआ है। ईरान-इजरायल संघर्ष के कारण तेल की सप्लाई प्रभावित होने का डर है। भारत इस संकट से निपटने के लिए रूस के साथ अपने समीकरणों को फिर से मजबूत कर सकता है, भले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दबाव और टैरिफ की चुनौतियां सामने हों।