Market Crash: युद्ध के डर से कांप उठा शेयर बाजार, एक झटके में उड़े 7 लाख करोड़; जानिए कौन से शेयर डूबे

मध्य पूर्व में युद्ध की गहराती आहट ने भारतीय शेयर बाजार की कमर तोड़ दी है। इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त बिकवाली देखी गई। इस गिरावट के चलते बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) एक ही दिन में 7 लाख करोड़ रुपये कम हो गया। सोमवार को शेयर बाजार में मची इस अफरा-तफरी ने निवेशकों को बड़ा झटका दिया है।
बाजार का हाल और आंकड़े: कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स १,०४८.३४ अंक यानी १.२९ प्रतिशत गिरकर ८०,२३८.८५ के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी ३१२.९५ अंक या १.२४ प्रतिशत की गिरावट के साथ २४,८६५.७० पर आ गया। शुक्रवार को बीएसई का मार्केट कैप ४६३ लाख करोड़ रुपये था, जो सोमवार की शाम तक घटकर ४५६ लाख करोड़ रुपये रह गया। यानी कुछ ही घंटों में निवेशकों की संपत्ति ७ लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गई।
किन शेयरों में रही गिरावट? बाजार में आई इस सुनामी से सबसे ज्यादा नुकसान ऑटो, इंफ्रा और बैंकिंग सेक्टर को हुआ।
- निफ्टी इंफ्रा (२.२३%), निफ्टी ऑटो (२.२०%) और निफ्टी पीएसयू बैंक (१.८४%) में भारी गिरावट दर्ज की गई।
- गिरावट वाले प्रमुख शेयरों में मारुति सुजुकी, एलएंडटी, इंडिगो, बजाज फाइनेंस और एसबीआई शामिल रहे।
- हालांकि, रक्षा और फार्मा सेक्टर में थोड़ी मजबूती देखी गई। बीईएल (BEL), सन फार्मा और आईटीसी जैसे शेयरों ने किसी तरह अपनी बढ़त बनाए रखी।
विशेषज्ञों की चेतावनी: बाजार विश्लेषक रूपक दे के अनुसार, मध्य पूर्व में तनाव के चलते निफ्टी की ओपनिंग ही कमजोर रही। तकनीकी चार्ट पर सूचकांक अपनी ‘ट्रेंड लाइन’ से नीचे गिर गया है, जो बाजार में मंदी के गहरे संकेतों को दर्शाता है। आरएसआई (RSI) इंडिकेटर भी लगातार नीचे की ओर इशारा कर रहा है, जिसका अर्थ है कि निवेशकों को फिलहाल बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है। अगर युद्ध की स्थिति नहीं सुधरी, तो बाजार में अभी और भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं।