सेकुलरिज्म पर छिड़ा महायुद्ध! सीएम ममता के पोस्ट पर शुभेंदु का पलटवार- “नहीं चलेगी ऐसी धर्मनिरपेक्षता”

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की आहट के बीच धर्म और राजनीति का मेल अपने चरम पर पहुंच गया है। सोमवार को डोल उत्सव के अवसर पर विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्वाचन क्षेत्र भवानीपुर में खड़े होकर एक विवादित बयान दिया है, जिससे राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है।
विवाद की जड़: दरअसल, चैतन्य महाप्रभु की जयंती पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर एक संदेश साझा किया था। उन्होंने लिखा, “आज के विशेष दिन पर हमें शपथ लेनी होगी कि हम चैतन्य देव के बंगाल की धर्मनिरपेक्षता और सहिष्णुता पर कोई दाग नहीं लगने देंगे।” मुख्यमंत्री के इसी ‘सेकुलरिज्म’ वाले बयान पर शुभेंदु अधिकारी बिफर पड़े।
शुभेंदु का तीखा हमला: भवानीपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए शुभेंदु ने कहा, “यह सब धर्मनिरपेक्षता अब नहीं चलेगी। नास्तिकता और इस छद्म सेकुलरिज्म को जड़ से उखाड़ फेंकना होगा। इस देश का नाम हिंदुस्तान है और यहां हिंदुओं का ही राज चलेगा।” शुभेंदु के इस बयान को बंगाल चुनाव से पहले ध्रुवीकरण की सबसे बड़ी कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
जहां एक ओर ममता बनर्जी मंदिरों के निर्माण की घोषणाएं कर रही हैं, वहीं भाजपा राम मंदिर और गीता पाठ के जरिए अपनी जमीन मजबूत कर रही है। माकपा (CPM) ने इस स्थिति पर कटाक्ष करते हुए कहा है कि दोनों ही दल असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए धर्म का सहारा ले रहे हैं।