IND-PAK War? मध्य पूर्व के संकट के बीच पाकिस्तान के राष्ट्रपति का बड़ा दावा, क्या फिर होगा युद्ध?

जब पूरी दुनिया की नजरें मध्य पूर्व (Middle East) में चल रहे भीषण संघर्ष पर टिकी हैं, तब पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने एक चौंकाने वाला दावा किया है। जरदारी के अनुसार, भारत एक बार फिर पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध की तैयारी कर रहा है। पाकिस्तान की संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए जरदारी ने कहा कि वह युद्ध के पक्ष में नहीं हैं और भारत को “युद्ध के थिएटर” से निकलकर बातचीत की मेज पर आना चाहिए।
“बातचीत ही एकमात्र रास्ता”: जरदारी जरदारी ने अपने संबोधन में कहा, “भारत के नेता युद्ध की तैयारी कर रहे हैं। मैं हमेशा से शांति का समर्थक रहा हूं और कभी भी युद्ध की सिफारिश नहीं करूंगा। मेरा संदेश स्पष्ट है—क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बातचीत ही एकमात्र रास्ता है।” हालांकि, नई दिल्ली ने अभी तक जरदारी के इन दावों पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।
जल-आतंकवाद और कश्मीर का राग सिंधु जल संधि को स्थगित करने के भारत के फैसले पर जरदारी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे ‘जल-आतंकवाद’ करार दिया और आरोप लगाया कि भारत पानी को एक राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कश्मीर मुद्दे का जिक्र करते हुए कहा कि जब तक कश्मीर समस्या का समाधान नहीं होता, तब तक दक्षिण एशिया में शांति संभव नहीं है।
क्या सच हो रहा है जरदारी का डर? बता दें कि मई 2025 में पहलगाम हमले के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया था। हाल ही में भारतीय सेना की वेस्टर्न कमांड ने ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ की चेतावनी देते हुए कहा था कि इस बार की जवाबी कार्रवाई पिछली बार से कहीं अधिक घातक होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की इसी आक्रामक रणनीति ने पाकिस्तान के नेतृत्व को बैकफुट पर धकेल दिया है।