मिडल ईस्ट में युद्ध का कोहराम: भारत का 50 हजार करोड़ का बासमती निर्यात ठप, किसान परेशान!

पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल के बीच छिड़ी जंग ने भारतीय व्यापार जगत में हड़कंप मचा दिया है। ईरान के शीर्ष नेता की मौत के बाद सामरिक रूप से महत्वपूर्ण ‘हॉर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) को बंद कर दिया गया है। इस रास्ते के बंद होने से भारत का बासमती चावल निर्यात पूरी तरह रुक गया है, जिससे लगभग 50,000 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है।
बासमती निर्यात पर संकट भारत हर साल करीब 60 लाख टन बासमती चावल का निर्यात करता है, जिसमें पंजाब और हरियाणा की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है। निर्यात रुकने के कारण घरेलू बाजार में बासमती की कीमतों में 4-5 रुपये प्रति किलो की गिरावट आई है, जिससे किसानों को भारी घाटा उठाना पड़ रहा है। ईरान, इराक और खाड़ी देशों को होने वाली सप्लाई फिलहाल पूरी तरह बाधित है।
महंगाई की दोहरी मार युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती हैं। भारत अपनी जरूरत का 50% तेल इसी रास्ते से मंगाता है, जिससे आने वाले दिनों में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी सिलेंडर की कीमतें बढ़नी तय हैं। शेयर बाजार में भी सोमवार को भारी गिरावट दर्ज की गई। वहीं, सोने की कीमतें आसमान छू रही हैं; 24 कैरेट सोना 1.68 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गया है।