मतदाता सूची में धांधली का आरोप! चुनाव आयोग के बाहर CPIM का जोरदार प्रदर्शन, सड़कों पर उतरे मोहम्मद सलीम

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची संशोधन (SIR) प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। बुधवार को सीपीआईएम (CPIM) ने निर्वाचन आयोग के सामने एक विशाल विरोध प्रदर्शन किया। मोहम्मद सलीम और सुजन चक्रवर्ती के नेतृत्व में हजारों वामपंथी कार्यकर्ताओं ने ‘वोट के अधिकार’ की रक्षा के लिए हुंकार भरी।

अनियमितताओं का गंभीर आरोप: वाम नेताओं का आरोप है कि ‘स्पेशल इनटेनसिव रिवीजन’ (SIR) के नाम पर लाखों वैध मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। मोहम्मद सलीम ने आयोग पर निशाना साधते हुए कहा कि यह प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है और जानबूझकर एक खास वर्ग और हाशिए के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने इसे लोकतंत्र पर हमला करार दिया।

चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल: सुजन चक्रवर्ती ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के कुछ अधिकारी निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब लोगों ने सही दस्तावेज जमा किए हैं, तो उनके नाम ‘इनएलिजिबल’ (Ineligible) श्रेणी में क्यों डाले गए? प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मतदाता सूची को तुरंत दुरुस्त किया जाए और किसी भी वैध नागरिक का नाम सूची से बाहर न रखा जाए।

हालिया आंकड़ों के अनुसार, अंतिम मतदाता सूची से लगभग ५.৪৬ लाख नाम हटाए गए हैं, जिससे राज्य में भारी नाराजगी है। सीपीआईएम ने चेतावनी दी है कि यदि चुनाव आयोग ने जल्द ही सुधार नहीं किया, तो यह आंदोलन और भी उग्र रूप लेगा।

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