नीतीश कुमार का बड़ा फैसला! बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा, अब राज्यसभा में होगा ‘सुशासन बाबू’ का नया ठिकाना!

बिहार की राजनीति में दशकों से चला आ रहा ‘नीतीश युग’ अब एक नए मोड़ पर आकर रुक गया है। २०२৫ के विधानसभा चुनावों में भारी जीत के महज चार महीने बाद नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद छोड़ने की घोषणा कर दी है। उन्होंने साफ कर दिया है कि अपनी पुरानी इच्छा को पूरा करने के लिए वे अब राज्यसभा जाएंगे। नीतीश के इस फैसले ने बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत कर दी है।

बीजेपी का पहला मुख्यमंत्री? २०२५ के चुनावों में ८৯ सीटें जीतकर बीजेपी राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। जेडीयू को ८৫ सीटें मिली थीं। ऐसे में यह लगभग तय माना जा रहा है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री बीजेपी से ही होगा। यदि ऐसा होता है, तो यह बिहार के इतिहास में पहली बार होगा जब बीजेपी का कोई नेता मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालेगा।

रेस में कौन-कौन शामिल हैं? मुख्यमंत्री की इस रेस में वर्तमान उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा का नाम सबसे ऊपर है। इसके अलावा केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय को भी दिल्ली से पटना भेजा जा सकता है। मंत्री दिलीप जायसवाल और दीघा से विधायक संजीव चौरसिया के नाम भी चर्चाओं में हैं। सूत्रों की मानें तो बीजेपी आलाकमान जल्द ही नए चेहरे पर मुहर लगा सकता है।

निशांत कुमार का राजनीतिक डेब्यू: सबसे चौंकाने वाली खबर नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर है। चर्चा है कि नई सरकार में जेडीयू को दो उपमुख्यमंत्री पद मिल सकते हैं, जिनमें से एक पद पर निशांत कुमार को बिठाया जा सकता है। अब तक राजनीति से दूर रहने वाले निशांत की एंट्री सीधे उपमुख्यमंत्री के तौर पर होना बिहार की सत्ता में एक बड़े बदलाव का संकेत है।

नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना और बिहार की सत्ता बीजेपी को सौंपना, राज्य की राजनीति के लिए एक निर्णायक पल है। अब देखना यह है कि नया मंत्रिमंडल बिहार के विकास की गाड़ी को किस दिशा में ले जाता है।

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