‘बड़ो मां’ की पुण्यतिथि पर ममता बनर्जी का भावनात्मक संदेश; नागरिकता के मुद्दे पर बीजेपी को घेरा

मतुआ महासंघ की ‘बड़ो मां’ बीणापाणि देवी की पुण्यतिथि पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर उन्होंने मतुआ समुदाय के विकास के लिए अपनी सरकार द्वारा किए गए कार्यों का ब्योरा दिया और नागरिकता के मुद्दे पर केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार किया।
बड़ो मां से आत्मीय रिश्ता: ममता बनर्जी ने बड़ो मां के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों को याद करते हुए कहा कि उन्हें हमेशा मां जैसा स्नेह मिला। उन्होंने हरिचंद और गुरुचंद ठाकुर के आदर्शों पर चलने और दलितों के अधिकारों के लिए बड़ो मां के संघर्ष की सराहना की। मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि राज्य सरकार ने ही उन्हें ‘बंगविभूषण’ से सम्मानित किया था।
विकास और राजनीति: मुख्यमंत्री ने ठाकुरनगर में विश्वविद्यालय की स्थापना, हरिचंद ठाकुर के जन्मदिन पर सरकारी छुट्टी और मतुआ विकास बोर्ड के गठन जैसे कदमों का उल्लेख किया। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ‘विशेष गहन संशोधन’ (SIR) के नाम पर जानबूझकर मतुआ मतदाताओं के नाम सूची से हटा रही है। उनका कहना है कि जो लोग पीढ़ियों से यहां रह रहे हैं और वोट दे रहे हैं, उनकी नागरिकता पर सवाल उठाना उनके साथ विश्वासघात है।
ममता का संकल्प: बनगांव और राणाघाट जैसे इलाकों में मतुआ वोट बैंक के महत्व को देखते हुए ममता ने संकल्प लिया कि वे बंगाल के लोगों के अधिकारों पर आंच नहीं आने देंगी और नागरिकता के नाम पर फैलाई जा रही अनिश्चितता के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी।