दवाइयों के बैच नंबर में बड़ा खेल! बंगाल सरकार सख्त, दुकानदारों के लाइसेंस रद्द होने की नौबत

पश्चिम बंगाल में दवाइयों के बैच नंबर में विसंगति (Mis-match) पाए जाने के बाद राज्य ड्रग कंट्रोल बोर्ड ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। एक दवा दुकानदार को कारण बताओ (Show-cause) नोटिस जारी किया गया है और उसे 3 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो दुकान का लाइसेंस तुरंत निलंबित या रद्द कर दिया जाएगा। ड्रग कंट्रोल विभाग ने अब विभिन्न मेडिकल स्टोर्स पर ‘सरप्राइज विजिट’ बढ़ाने का फैसला लिया है।

बैच नंबर का महत्व और स्वास्थ्य जोखिम विशेषज्ञों और डॉक्टरों का कहना है कि किसी भी दवा के लिए उसका बैच नंबर एक्सपायरी डेट से भी ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। डॉक्टर काजल कृष्ण बनिक के अनुसार, बैच नंबर के जरिए ही किसी भी गड़बड़ी वाले स्टॉक को बाजार से वापस लिया जाता है। सैलाइन या ओआरएस से जुड़े पिछले घोटालों में बैच नंबर ही जांच का मुख्य आधार था। ऐसे में बैच नंबर के साथ छेड़छाड़ या लापरवाही एक दंडनीय अपराध है, जिसे स्वास्थ्य विभाग बेहद गंभीरता से ले रहा है।

एसोसिएशन की चेतावनी बंगाल केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने भी इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है। एसोसिएशन ने अपने सभी सदस्यों को चेतावनी दी है कि वे बिल में बैच नंबर और एक्सपायरी डेट को पूरी सटीकता के साथ लिखें। यदि किसी दुकानदार की लापरवाही से मरीज की जान को खतरा होता है, तो एसोसिएशन उसका बचाव नहीं करेगी। स्वास्थ्य विभाग और ड्रग कंट्रोल अब मिलकर काम कर रहे हैं ताकि पूरे राज्य में दवाइयों की बिक्री में पारदर्शिता बनी रहे और फर्जीवाड़े पर लगाम कसी जा सके।

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