नीतीश कुमार का राज्यसभा गमन: कांग्रेस ने बताया ‘जनादेश के साथ विश्वासघात’, जयराम रमेश का तीखा हमला

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले ने सूबे की सियासत में भूचाल ला दिया है। जहां एनडीए इसे एक नई शुरुआत बता रहा है, वहीं कांग्रेस ने इसे जनता के भरोसे का कत्ल करार दिया है। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने गुरुवार को नीतीश कुमार के इस कदम को “नेतृत्व का तख्तापलट” और “विश्वासघात” बताते हुए कड़ी आलोचना की है।

कांग्रेस के गंभीर आरोप: जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा, “बिहार चुनाव के दौरान कांग्रेस ने जो कहा था, वही सच साबित हुआ। यह G2 द्वारा नियोजित एक सुनियोजित तख्तापलट है। सरकार में यह बदलाव लोकतंत्र और जनता के जनादेश के साथ एक बड़ा धोखा है।” विपक्षी दलों का मानना है कि चुनाव जीतने के महज कुछ महीनों बाद नीतीश का पद छोड़ना मतदाताओं के साथ नाइंसाफी है।

नीतीश का भावुक संदेश: इन आरोपों के बीच नीतीश कुमार ने स्पष्ट किया कि वे इस बार राज्यसभा चुनाव में नामांकन दाखिल करेंगे। उन्होंने कहा, “मैं पूरी ईमानदारी से आपको विश्वास दिलाता हूं कि आपके साथ मेरा रिश्ता हमेशा अटूट रहेगा। नई बनने वाली सरकार को मेरा पूरा सहयोग और मार्गदर्शन प्राप्त होगा।”

एक लंबा और विवादित सफर: 75 वर्षीय नीतीश कुमार बिहार के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्री हैं। 1985 में विधायक बनने से लेकर 10 बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने तक, उनका राजनीतिक सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। कई बार गठबंधन बदलने के बावजूद 2025 में एनडीए को मिली दो-तिहाई जीत ने उनकी पकड़ साबित की थी। अब उनके दिल्ली कूच करने के फैसले ने बिहार की भावी राजनीति पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।


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