पश्चिम एशिया संकट: पीएम मोदी ने दिया शांति का मंत्र, ईरान के सर्वोच्च नेता खमनेई की मौत पर भारत ने जताया दुख

मिडिल ईस्ट में बढ़ती सैन्य हलचल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया को बड़ा संदेश दिया है। फिनलैंड के प्रधानमंत्री के साथ संयुक्त वार्ता में मोदी ने स्पष्ट किया कि “युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि चाहे यूक्रेन हो या पश्चिम एशिया, विवादों का निपटारा केवल कूटनीति और संवाद के जरिए ही संभव है।

ईरान के साथ बढ़ता संवाद: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खमनेई की मौत के छठे दिन भारत ने औपचारिक रूप से शोक व्यक्त किया है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास जाकर शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए। इसी कड़ी में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपने ईरानी समकक्ष सैयद अब्बास अराघची से फोन पर लंबी चर्चा की। विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस द्वारा सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए जाने के बाद भारत की यह सक्रियता काफी अहम मानी जा रही है।

मैक्रों से चर्चा और वैश्विक चिंता: प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से भी फोन पर पश्चिम एशिया के ताजा हालात और शांति बहाली पर बात की। भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती खाड़ी देशों में फंसे भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा और भविष्य में होने वाला ईंधन संकट है। जानकारों का मानना है कि यदि यह युद्ध एक हफ्ते और चला, तो भारत को पेट्रोल-डीजल की किल्लत और महंगाई का सामना करना पड़ सकता है।

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