बंगाल में SIR लिस्ट पर बवाल! ‘डिलीटेड’ वोटरों की भारी भीड़, डीएम ऑफिस के बाहर हंगामा

पश्चिम बंगाल में ‘स्टेट इंस्टीट्यूशनल रजिस्टर’ (SIR) की अंतिम सूची जारी होने के बाद से जिलों में अफरा-तफरी का माहौल है। 28 फरवरी को लिस्ट आने के बाद कई लोगों ने पाया कि उनका नाम ‘डिलीटेड’ श्रेणी में डाल दिया गया है। इसी समस्या को लेकर गुरुवार को कृष्णनगर और बारासात में जिला मजिस्ट्रेट (DM) कार्यालय के बाहर हजारों लोगों की लंबी कतारें देखी गईं।
जनता का गुस्सा: कई वोटरों का कहना है कि उनके पूर्वजों का नाम 2002 की वोटर लिस्ट में था, फिर भी उनका नाम इस लिस्ट से काट दिया गया है। कृष्णनगर में एक महिला ने रोते हुए कहा, “हम दिहाड़ी मजदूर हैं, नाम ठीक कराने के चक्कर में हमारी मजदूरी जा रही है।” भीड़ इतनी बढ़ गई कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बुलाना पड़ा।
कल सड़कों पर उतरेंगी ममता: इस मुद्दे ने अब राजनीतिक मोड़ ले लिया है। लाखों लोगों का नाम लिस्ट से बाहर होने के विरोध में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कल, 6 मार्च को कोलकाता के धर्मतला में मेट्रो चैनल के सामने धरने पर बैठेंगी। ममता इस मंच से केंद्र सरकार और प्रशासन को क्या संदेश देती हैं, इस पर सबकी नजर है।