ईरान संकट के बीच ट्रम्प का बड़ा फैसला! रूस से तेल खरीदने के लिए भारत को मिली ३० दिनों की छूट

ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव और संभावित युद्ध के बीच, अमेरिकी प्रशासन ने भारत को रूस से तेल आयात करने के लिए ३० दिनों की विशेष छूट दी है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने गुरुवार को घोषणा की कि भारतीय रिफाइनर अब बिना किसी बाधा के रूसी कच्चे तेल की खरीद कर सकेंगे। यह फैसला वैश्विक तेल बाजार में स्थिरता बनाए रखने के लिए लिया गया है।
ट्रम्प प्रशासन का रुख और रियायत: अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेन्ट ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ऊर्जा कार्यक्रम के तहत उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर है, लेकिन विश्व बाजार में आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भारत को यह रियायत दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल उन तेल टैंकरों के लिए है जो पहले से ही समुद्र में हैं या जिनका लेनदेन प्रक्रिया में है। यह छूट ५ मार्च से ४ अप्रैल तक वैध रहेगी। अमेरिका को उम्मीद है कि भविष्य में भारत अमेरिकी ऊर्जा उत्पादों की खरीद बढ़ाएगा।
टैक्स और व्यापार समझौता: इससे पहले, राष्ट्रपति ट्रम्प ने रूस से तेल खरीदने के लिए भारत पर २५ प्रतिशत दंडात्मक टैरिफ लगा दिया था। हालांकि, पिछले महीने भारत और अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौता हुआ, जिसके बाद ट्रम्प ने इस टैरिफ को माफ करने का आदेश जारी किया। समझौते के तहत, भारत ने धीरे-धीरे रूसी तेल पर निर्भरता कम करने और अमेरिकी तेल का आयात बढ़ाने का आश्वासन दिया है।
ईरान पर लगाम की कोशिश: अमेरिका का मानना है कि इस कदम से ईरान द्वारा वैश्विक ऊर्जा बाजार में पैदा की जा रही अस्थिरता कम होगी। स्कॉट बेसेन्ट ने भारत को एक ‘अपरिहार्य भागीदार’ बताते हुए कहा कि यह अल्पकालिक कदम रूस को कोई बड़ा वित्तीय लाभ नहीं देगा, बल्कि दुनिया को ऊर्जा संकट से बचाएगा।