ऑपरेशन एपिक फ्यूरी! पास्तूर स्ट्रीट के बंकर में ढेर हुए खमनेई, इजरायली ‘ब्लू स्पैरो’ मिसाइल ने मचाई तबाही!

२८ फरवरी २०२६ को तेहरान के दिल ‘पास्तूर स्ट्रीट’ में जो हुआ, उसने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खमनेई एक सुरक्षित बंकर में बैठक कर रहे थे, तभी इजरायल और अमेरिका ने संयुक्त हमला कर उन्हें खत्म कर दिया। इस मिशन को ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ नाम दिया गया, जिसमें इजरायल की सबसे घातक मिसाइल ‘ब्लू स्पैरो’ का इस्तेमाल हुआ।
क्या है ‘ब्लू स्पैरो’ की शक्ति? इजरायली मीडिया के अनुसार, ६.५ मीटर लंबी और १.९ टन वजनी यह मिसाइल करीब २००० किलोमीटर दूर तक मार कर सकती है। इसे F-15 लड़ाकू विमान से लॉन्च किया जाता है। लॉन्च के बाद यह मिसाइल रॉकेट बूस्टर की मदद से वायुमंडल के काफी ऊपर चली जाती है और फिर गुरुत्वाकर्षण की गति से सीधे अपने टारगेट पर गिरती है। इसकी रफ्तार इतनी तेज होती है कि किसी भी एयर डिफेंस सिस्टम के लिए इसे ट्रैक करना नामुमकिन है।
जमीन के नीचे भी नहीं मिली पनाह: खमनेई को लगा था कि वह जमीन के काफी नीचे सुरक्षित बंकर में हैं, जहाँ पहुँचने में ५ मिनट लगते थे। लेकिन ‘ब्लू स्पैरो’ के धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उसने बंकर की मोटी दीवारों को कागज की तरह फाड़ दिया। इस हमले में खमनेई के साथ ईरान के ४० शीर्ष अधिकारी भी मारे गए, जिनमें IRGC के कमांडर मोहम्मद पाकपुर और सशस्त्र बल प्रमुख अब्दुर रहीम मूसावी शामिल थे। इजरायल ने रात के बजाय दिन के उजाले में हमला कर ईरान की सुरक्षा रणनीति को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।