बंगाल में सियासी हलचल के बीच राष्ट्रपति का दौरा, दार्जीलिंग में शनिवार को मचेगी धूम!

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस के अचानक इस्तीफे और राज्य के प्रशासनिक गलियारों में मची हलचल के बीच राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बंगाल दौरे के कार्यक्रम में बड़ा संशोधन किया गया है। राष्ट्रपति अब शनिवार को एक दिवसीय यात्रा पर दार्जीलिंग पहुंचेंगी। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत उन्हें शुक्रवार को ही दो दिवसीय दौरे पर उत्तर बंगाल पहुंचना था, लेकिन राजभवन में हुए बड़े बदलावों के कारण उनके सफर में देरी और बदलाव हुआ है।
राष्ट्रपति भवन द्वारा शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक बयान में पुष्टि की गई है कि राष्ट्रपति मुर्मू शनिवार को दार्जीलिंग का दौरा करेंगी। वह वहां ‘इंटरनेशनल संथाल काउंसिल’ द्वारा आयोजित नौवें अंतर्राष्ट्रीय संथाल सम्मेलन में शामिल होंगी। यह कार्यक्रम जनजातीय गौरव और क्षेत्रीय संस्कृति के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
गौरतलब है कि सी.वी. आनंद बोस के पद छोड़ने के बाद, राष्ट्रपति ने तमिलनाडु के राज्यपाल आर.एन. रवि को पश्चिम बंगाल के नए राज्यपाल के रूप में नियुक्त किया है। इस प्रशासनिक फेरबदल के तुरंत बाद राष्ट्रपति का यह दौरा कई मायनों में अहम है। इससे पहले के शेड्यूल में राष्ट्रपति को दार्जीलिंग के लोकभवन में ‘रूट एंड रिदम्स’ प्रदर्शनी का उद्घाटन करना था और ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित ‘दार्जीलिंग हिल फेस्टिवल’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना था। इसके अलावा, आईआईटी खड़गपुर के प्लैटिनम जुबली कार्यक्रम का वर्चुअल उद्घाटन भी उनके एजेंडे में शामिल था।
हालांकि, अब यह दौरा संक्षिप्त कर दिया गया है। सुरक्षा और प्रोटोकॉल के कड़े इंतजामों के बीच राष्ट्रपति शनिवार को सीधे दार्जीलिंग पहुंचेंगी। जानकारों का मानना है कि राज्य के नए संवैधानिक प्रमुख की नियुक्ति और राष्ट्रपति का यह दौरा बंगाल की राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ सकता है। दार्जीलिंग की वादियों में राष्ट्रपति के स्वागत की तैयारियां जोरों पर हैं।