‘घुघनी-कन्या’ से फिर ‘अग्निकन्या’ बनने की कोशिश! सजल घोष का ममता बनर्जी पर तीखा तंज!

2026 के विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल की राजनीति ‘एसआईआर’ (SIR) मुद्दे को लेकर पूरी तरह गरमा गई है। शुक्रवार को कोलकाता के धर्मतला में धरने पर बैठीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीजेपी और चुनाव आयोग पर तीखे प्रहार किए। ममता के इस तेवर को देखकर बीजेपी नेता सजल घोष ने उन पर पलटवार करते हुए कहा, “अब वह ‘घुघनी-कन्या’ से वापस ‘अग्निकन्या’ बनने की कोशिश कर रही हैं।”
सजल का इशारा ममता के उस पुराने बयान की ओर था जिसमें उन्होंने युवाओं को घुघनी और चाय बेचकर आत्मनिर्भर बनने की सलाह दी थी। हालांकि, खुद सजल घोष भी इस समय मुश्किलों में घिरे हैं। सौरव गांगुली को ‘दलाल’ कहने के बाद विवाद इतना बढ़ गया है कि ‘महाराज’ ने कथित तौर पर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को पत्र लिखकर इसकी शिकायत की है।
धरना मंच से ममता बनर्जी ने एक बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के जरिए राज्य के कई जीवित मतदाताओं को मृत घोषित कर उनका नाम लिस्ट से काट दिया गया है। ममता ने गरजते हुए कहा, “जिन 22 लोगों को मृत बताया गया है, वे जीवित हैं और मैं उन्हें आज मंच पर पेश करूंगी। चुनाव आयोग बीजेपी के इशारे पर काम कर रहा है।” उन्होंने बीजेपी को ‘बेशर्म’ और चुनाव आयोग को ‘बीजेपी का दलाल’ करार देते हुए घोषणा की कि जब तक न्याय नहीं मिलता, यह विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। चुनावी मौसम में ममता का यह ‘स्ट्रीट फाइटर’ अवतार बंगाल की राजनीति में बड़ा मोड़ ला सकता है।